तहलका टुडे टीम/सदाचारी लाला उमेश चंद्र श्रीवास्तव/ मोहम्मद वसीक
बाराबंकी। असेनी मोड़ पर अधिवक्ता शोएब किदवई ‘बॉबी’ की दिनदहाड़े गोली मारकर की गई निर्मम हत्या ने जनपद ही नहीं, पूरे प्रदेश के अधिवक्ता समाज को झकझोर कर रख दिया है। एक शांत, मिलनसार और सीनियर्स का सम्मान करने वाले अधिवक्ता की इस तरह सरेआम हत्या ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जनपद बाराबंकी की कचहरी में शुक्रवार को शोक, आक्रोश और संकल्प—तीनों भाव एक साथ दिखाई दिए। अधिवक्ताओं की आंखों में आंसू थे, लेकिन आवाज़ में दृढ़ता साफ झलक रही थी।
⚖️ “24 घंटे में गिरफ्तारी नहीं तो 16 फरवरी को तूफान”
जिला बार एसोसिएशन बाराबंकी के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार वर्मा ने आपात बैठक के बाद ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा:
https://youtu.be/haxfpr7LpO0?si=t17PwiIs_ppf15hO
“यदि 24 घंटे के भीतर हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होती, तो 16 फरवरी को कचहरी परिसर में ऐसा आंदोलन होगा, जिसे जनपद ने पहले कभी नहीं देखा होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।”
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि अधिवक्ता समाज की गरिमा और न्याय व्यवस्था पर सीधा प्रहार है।
👥 एक मंच पर पूरा अधिवक्ता समाज
बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष रितेश मिश्रा, महामंत्री रामराज यादव, पूर्व अध्यक्ष हिसाल बारी किदवई, सुरेश गौतम, पूर्व महामंत्री शाहीन अख़्तर, पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश सिंह,
मोहम्मद अब्बास ज़ैदी (एडवोकेट), ज्ञान सिंह,
फ़ैज़्ज़ुर रहमान फैज़ी (हाई कोर्ट), रमन लाल द्विवेदी,
पूर्व अध्यक्ष बृजेश दीक्षित, पूर्व महामंत्री अशोक वर्मा,
जीतू यादव (हाई कोर्ट) तथा ज्ञान प्रकाश शुक्ल (एडवोकेट, कलेक्ट्रेट परिसर बाराबंकी) सहित हजारों अधिवक्ता उपस्थित रहे।
🕯️ “जो न्याय दिलाता रहा, उसे न्याय कब मिलेगा?”
कचहरी परिसर में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। अधिवक्ताओं ने भावुक स्वर में कहा कि शोएब किदवई ‘बॉबी’ न केवल एक कुशल अधिवक्ता थे, बल्कि बेहद मिलनसार, विनम्र और सहयोगी व्यक्तित्व के धनी थे।
वे सीनियर्स का सम्मान करते थे और जूनियर्स को स्नेह देते थे। उनके साथ बैठकर हर कोई सहज महसूस करता था।
अधिवक्ता ज्ञान प्रकाश शुक्ल ने कहा—
“जो शख्स दूसरों को न्याय दिलाने के लिए दिन-रात मेहनत करता रहा, आज उसके अपने परिवार को न्याय की गुहार लगानी पड़ रही है।”
🚨 बढ़ता अपराध और असुरक्षा की भावना
अधिवक्ताओं ने कहा कि अपराधी इतने बेखौफ हो चुके हैं कि दिनदहाड़े हाईवे पर हत्या जैसी वारदात को अंजाम दे रहे हैं।
उन्होंने सवाल उठाया—
📜 प्रमुख मांगें
जिला बार एसोसिएशन ने शासन और प्रशासन के समक्ष निम्न मांगें रखीं:
हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी
घटना का शीघ्र और पारदर्शी खुलासा
दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा
अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था
अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट को शीघ्र लागू किया जाए
अध्यक्ष नरेंद्र वर्मा ने कहा कि अधिवक्ता समाज अब अपनी सुरक्षा और सम्मान के लिए पीछे नहीं हटेगा।
🚧 16 फरवरी निर्णायक दिन
अधिवक्ता समाज ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो 16 फरवरी को कचहरी परिसर में व्यापक आंदोलन होगा, जो प्रदेश स्तर तक प्रभाव डाल सकता है।
कचहरी परिसर में गूंजती आवाजें एक ही संदेश दे रही थीं—
“न्याय चाहिए, हर हाल में चाहिए।”
अब सबकी निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। आने वाले 24 घंटे और 16 फरवरी का दिन बाराबंकी की न्यायिक और प्रशासनिक व्यवस्था के लिए बड़ी परीक्षा साबित हो सकता है।
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