सदाचारी लाला उमेश चंद्र श्रीवास्तव
बाराबंकी।जनपद बाराबंकी में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। शहर कोतवाली के सामने स्थित वक्फ अमजद अली खान की भूमि पर बनी एक विवादित दुकान में बगल की दुकान से सेंध लगाकर सामान लूटने/उठाकर ले जाने की कोशिश की गई। इस दौरान माल से लदी एक Tata Ace गाड़ी मौके पर पकड़ ली गई, जबकि आरोप है कि मुख्य आरोपी अपने साथियों सहित मौके से फरार हो गए।
इस घटना ने इसलिए भी सनसनी फैला दी है क्योंकि मामला शहर कोतवाली के ठीक सामने/निकट का बताया जा रहा है। ऐसे में लोगों के बीच यह सवाल तेज़ हो गया है कि जब कोतवाली के सामने ही दुकानें सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या हाल होगा?
पीड़ित ने बताया— मेरी दुकान में सेंध लगाकर सामान निकाल रहे थे
इस मामले में अरविंद कुमार पुत्र स्व० जग मोहन, निवासी ग्राम पहलिपार, मजरे सुरसंडा, पोस्ट शाहबपुर, सुरसंडा, जनपद बाराबंकी ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि वक्फ अमजद अली खान की भूमि पर स्थित उनकी दुकान को निशाना बनाया गया।
उनका कहना है कि कुछ लोग बगल की दुकान से सेंध लगाकर उनकी दुकान के अंदर दाखिल हुए और वहाँ रखा सामान/माल बाहर निकालकर गाड़ी पर लादने लगे।
अरविंद कुमार के अनुसार, जैसे ही इस हरकत की भनक लगी और मौके पर विरोध हुआ, कुछ लोग दुकान बंद कर भाग निकले।
इन लोगों पर लगाए गए आरोप
पीड़ित द्वारा जिन लोगों पर घटना में शामिल होने का आरोप लगाया गया है, उनमें—
- मनोज शर्मा
- कमल शर्मा
- प्रियंक शर्मा
के नाम शामिल बताए गए हैं।
आरोप है कि ये लोग घटना के समय आसपास मौजूद थे और मामला खुलते ही मौके से फरार हो गए।
माल लदी Tata Ace पकड़ी गई
पीड़ित पक्ष का दावा है कि दुकान से निकाला गया सामान जिस वाहन पर लादा जा रहा था, वह एक Tata Ace थी, जिसका नंबर:
UP 32 FN 4029
बताया गया है।
इस वाहन के चालक का नाम अमरेश बताया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि उक्त गाड़ी मौके पर पकड़ ली गई, जबकि कथित आरोपी भागने में सफल हो गए। यदि यह दावा सही है, तो यह पूरे मामले में एक महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य माना जा सकता है।
मामला पहले से कोर्ट में विचाराधीन
इस पूरे मामले को और गंभीर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि संबंधित दुकान/भूमि विवाद का मामला पहले से ही माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद, लखनऊ खंडपीठ में विचाराधीन बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, यह वाद:
Writ-C No. 1549 of 2026
के रूप में लंबित है।
बताया जा रहा है कि इस वाद में राज्य सरकार, पुलिस प्रशासन, कोतवाली नगर थाना, कमल चंद्र और गायत्री शर्मा पक्षकार हैं।
ऐसे में पीड़ित पक्ष का आरोप है कि न्यायालय में मामला लंबित होने के बावजूद जबरन स्थिति बदलने, कब्जा कमजोर करने और दुकान को नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया गया।
112 पर शिकायत
घटना के बाद पीड़ित द्वारा तत्काल UP-112 पर शिकायत किए जाने की बात कही गई है।
लेकिन पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद यह आरोप इसलिए भी गंभीर हैं क्योंकि घटना शहर कोतवाली के सामने/आसपास हुई बताई जा रही है। ऐसे में स्थानीय व्यापारियों और लोगों के बीच नाराज़गी और चिंता दोनों देखी जा रही हैं।
लोगों में आक्रोश, उठे कई सवाल
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और व्यापारियों में चर्चा तेज़ है। लोगों का कहना है कि—
- अगर कोतवाली के सामने सेंधमारी हो सकती है,
- अगर दुकान का सामान गाड़ी में भरकर ले जाया जा सकता है,
- और अगर आरोपी भाग सकते हैं,
तो यह कानून-व्यवस्था के लिए बेहद चिंताजनक संकेत है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, CCTV फुटेज खंगाली जाए, वाहन जब्त किया जाए, और नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
पीड़ित ने की ये मांगें
पीड़ित अरविंद कुमार ने प्रशासन से मांग की है कि—
- घटना में शामिल लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए
- Tata Ace UP 32 FN 4029 को विधिवत जब्त किया जाए
- गाड़ी में लदा सामान बरामद किया जाए
- CCTV फुटेज कब्जे में ली जाए
- मौके की जांच कराई जाए
- पीड़ित की दुकान और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए
अब निगाहें पुलिस कार्रवाई पर
फिलहाल इस मामले में स्थानीय स्तर पर चर्चाएँ तेज़ हैं और अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बाराबंकी पुलिस इस गंभीर मामले में क्या कार्रवाई करती है।
क्योंकि सवाल सिर्फ एक दुकान का नहीं, बल्कि यह है कि—
क्या शहर कोतवाली के सामने भी माफियाओं का हौसला कानून से बड़ा हो गया है?
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