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बाराबंकी का बेटा बना IAS: अभिजीत नंदन की कामयाबी ने रोशन किया जिले का नाम


बाराबंकी की मिट्टी एक बार फिर अपने लाल पर नाज़ कर रही है। संघर्ष, मेहनत और सपनों की उड़ान जब मंज़िल से मिलती है तो सिर्फ एक परिवार नहीं, पूरा शहर खुशियों से भर उठता है। ऐसा ही गौरवपूर्ण क्षण उस समय आया जब अभिजीत नंदन ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 294 हासिल कर IAS के लिए चयनित होकर इतिहास रच दिया

यह उपलब्धि केवल एक परीक्षा पास करने की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस सपने की जीत है जो छोटे शहरों की गलियों में पलता है और मेहनत के सहारे आसमान तक पहुंचता है।

अभिजीत नंदन, राम सेवक यादव स्कूल के पूर्व छात्र हैं और उनके पिता जगन्नाथ यादव उसी विद्यालय में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत हैं। एक शिक्षक के घर जन्मे बेटे ने शिक्षा की उसी रोशनी को आगे बढ़ाते हुए वह मुकाम हासिल किया है, जिसे पाने का सपना देश के लाखों युवा देखते हैं।

जब यह खबर बाराबंकी पहुंची तो मानो पूरे जिले में खुशियों की लहर दौड़ गई। परिवार, मित्रों, शिक्षकों और क्षेत्र के लोगों ने अभिजीत का मालाओं से स्वागत किया, मिठाइयाँ बांटी और गर्व के साथ उन्हें गले लगाया। हर किसी की जुबान पर यही था— “यह हमारे शहर का बेटा है जिसने पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया।”

इस अवसर पर डॉ. विकास यादव, पुष्पेंद्र यादव सहित कई सम्मानित नागरिक और गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने अभिजीत नंदन को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि उनकी सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।

प्रेस फाउंडेशन ट्रस्ट के सैयद रिज़वान मुस्तफ़ा ने इस उपलब्धि पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि
“अभिजीत नंदन की यह सफलता सिर्फ एक परिवार की खुशी नहीं बल्कि पूरे बाराबंकी की शान है। उन्होंने साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों तो छोटे शहरों से भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं। अभिजीत आज सच मायनों में ‘फख्र-ए-बाराबंकी’ बन गए हैं।”

अभिजीत नंदन की यह कामयाबी उन तमाम युवाओं के लिए उम्मीद का पैगाम है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। उनकी कहानी बताती है कि मेहनत, लगन और माता-पिता की दुआएं मिल जाएं तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं रहती।

आज बाराबंकी की फिजाओं में एक ही आवाज़ गूंज रही है—
“मुबारक हो अभिजीत, तुमने सिर्फ अपने परिवार नहीं बल्कि पूरे जिले का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया।”


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