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सरदार @150 यूनिटी मार्च : युवाओं में राष्ट्रभक्ति और एकता की अलख जगाने का अभियान, डॉ. दिनेश शर्मा ने किया आह्वान,कांग्रेस परेशान, भाजपा ने सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर एकता और कर्तव्य भावना से देश को जोड़ने का उठाया बीड़ा — मंच पर नहीं दिखे अल्पसंख्यक चेहरे, कुर्मी विधायक संकेंद्र वर्मा की अनुपस्थिति चर्चा में


तहलका टुडे डेस्क/सदाचारी लाला उमेश चंद्र श्रीवास्तव/मोहम्मद वसीक

बाराबंकी, 25 अक्टूबर 2025।
राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश के पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने रविवार को एक विशेष प्रेस वार्ता कर भारत सरकार के युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय द्वारा आयोजित “Sardar @150 Unity March” की विस्तृत रूपरेखा साझा की। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष अरविंद मौर्य, एमएलसी एवं जिला प्रभारी इंजीनियर अवनीश सिंह पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष राजरानी रावत, एमएलसी अंगद सिंह, विधायक दिनेश रावत, पूर्व विधायक शरद अवस्थी, पूर्व एमएलसी हरगोविंद सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष अवधेश श्रीवास्तव, डॉ. रामकुमारी मौर्य, तथा भाजपा जिला मीडिया प्रभारी विजय आनंद बाजपेई भी उपस्थित रहे।

“Sardar @150 Unity March” का उद्देश्य

डॉ. शर्मा ने बताया कि यह राष्ट्रव्यापी अभियान लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती को समर्पित है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "जनभागीदारी से राष्ट्र निर्माण" के विजन से प्रेरित इस पहल का लक्ष्य युवाओं में राष्ट्रीय गौरव, सामाजिक जिम्मेदारी और एकता की भावना को प्रबल बनाना है।

उन्होंने कहा —

“सरदार पटेल ने जिस बिखरे हुए भारत को एकजुट किया, उसी संकल्प को यह पदयात्रा आगे बढ़ा रही है। अब समय है कि देश के युवा ‘एक भारत, आत्मनिर्भर भारत’ के आदर्श को जीवन में उतारें।”

डिजिटल शुभारंभ एवं प्रतियोगिताएं

इस कार्यक्रम का डिजिटल चरण 6 अक्टूबर 2025 को केंद्रीय मंत्री डा. मनसुख मांडविया द्वारा My Bharat Portal पर लॉन्च किया गया।
इस डिजिटल चरण में

  • सोशल मीडिया रील प्रतियोगिता,
  • निबंध लेखन प्रतियोगिता, और
  • Sardar @150 Young Leaders Program शामिल हैं।

इस कार्यक्रम में चुने गए 150 युवा विजेताओं को राष्ट्रीय पदयात्रा में शामिल होने का अवसर मिलेगा।

अभियान के दो मुख्य चरण

1. जिला स्तरीय पदयात्राएं (31 अक्टूबर – 25 नवंबर 2025)

हर जिले में तीन दिन तक चलने वाली 8-10 किलोमीटर लंबी पदयात्राएं आयोजित की जाएंगी।
इनसे पहले स्कूलों और कॉलेजों में

  • निबंध, वाद-विवाद, नुक्कड़ नाटक,
  • सरदार पटेल के जीवन पर संगोष्ठी,
  • नशामुक्त भारत शपथ,
  • “गर्व से स्वदेशी” मेले और
  • योग शिविर व स्वच्छता अभियान आयोजित होंगे।

प्रत्येक यात्रा के समापन पर सरदार पटेल की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि, आत्मनिर्भर भारत शपथ, सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रमाणपत्र वितरण किया जाएगा।
यात्राओं का नेतृत्व राज्य व केंद्र सरकार के मंत्री, सांसद, स्थानीय प्रशासन और My Bharat व NCC अधिकारी करेंगे।

2. राष्ट्रीय पदयात्रा (26 नवंबर – 6 दिसंबर 2025)

यह 152 किलोमीटर की यात्रा करमसद (पटेल जी का जन्मस्थान) से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (केवड़िया) तक निकाली जाएगी।
रास्ते में 150 पड़ाव होंगे, जहां

  • सरदार पटेल के जीवन पर आधारित सांस्कृतिक उत्सव,
  • सामाजिक विकास कार्यक्रम,
  • My Bharat, NSS, और NCC कैडेट्स की सक्रिय भागीदारी होगी।

हर शाम “सरदार गाथा” कार्यक्रम में युवाओं को देशभक्ति और एकता की प्रेरक कहानियां सुनाई जाएंगी।

🌐 पंजीकरण प्रक्रिया

सभी प्रतिभागियों का पंजीकरण और जानकारी My Bharat Portal पर हो रही है:
🔗 https://mybharat.gov.in/pages/unitymarch

डॉ. शर्मा ने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस ऐतिहासिक पहल का हिस्सा बनें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दें।

🔥 राजनीतिक हलचल — कांग्रेस में बेचैनी, विपक्ष सन्न

सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर भाजपा द्वारा इस राष्ट्रीय अभियान की घोषणा के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है
कांग्रेस, जो वर्षों तक सरदार पटेल की विरासत पर दावा करती रही, अब इस कार्यक्रम से खुद को असहज महसूस कर रही है।
“RSS पर पाबंदी लगाने वाले सरदार पटेल के नाम पर अब भाजपा की एकता यात्रा” — इस नारे ने कांग्रेस खेमे में बेचैनी बढ़ा दी है।

भाजपा नेताओं का मानना है कि

“सरदार पटेल सिर्फ किसी पार्टी के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के नायक थे — जिन्होंने एकता, अनुशासन और समर्पण का आदर्श स्थापित किया।”

मंच पर नहीं दिखे अल्पसंख्यक चेहरे — चर्चा तेज

प्रेस वार्ता में भाजपा के तमाम वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, लेकिन एक भी मुस्लिम, सिख, ईसाई या जैन चेहरा मंच पर नजर नहीं आया,
जिससे स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का दौर तेज हो गया।
पार्टी सूत्रों के अनुसार यह आयोजन "राष्ट्रीय एकता" के स्वरूप में था, न कि किसी धार्मिक पहचान के आधार पर।
फिर भी, कुछ स्थानीय बुद्धिजीवियों ने सुझाव दिया कि “एकता का संदेश” तब और प्रभावशाली होता जब इसमें सभी समुदायों की समान भागीदारी होती।

कुर्मी विधायक संकेंद्र वर्मा की गैरहाजिरी बनी सुर्खी

प्रेस वार्ता में कुर्मी समाज के लोकप्रिय विधायक संकेंद्र वर्मा की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय बनी रही।
स्थानीय भाजपा नेताओं ने बताया कि वे किसी अन्य आधिकारिक कार्यक्रम में व्यस्त थे,
हालांकि राजनीतिक गलियारों में उनके असंतोष की चर्चा भी जोरों पर है।

डॉ. दिनेश शर्मा का संदेश

“युवाओं के कंधों पर भारत के उज्जवल भविष्य की जिम्मेदारी है।
सरदार पटेल का जीवन हमें बताता है कि जब देश के हित में एकजुटता होती है, तब कोई शक्ति भारत को झुका नहीं सकती।
यही संदेश ‘Sardar @150 Unity March’ के माध्यम से हर घर, हर दिल तक पहुंचेगा।”

Sardar @150 Unity March” न केवल एक पदयात्रा है, बल्कि यह भारत की आत्मा — उसकी एकता, विविधता और स्वाभिमान का जीवंत उत्सव है।
प्रधानमंत्री मोदी के “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में यह पहल अमृत पीढ़ी यानी युवाओं को आगे बढ़ाने का एक मजबूत मंच सिद्ध होगी।


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