Hot Posts

6/recent/ticker-posts

मृतक की याद पर जीवित राजनीति का कब्ज़ा,दरियाबाद में राजा राजीव कुमार सिंह की पुण्यतिथि बनी 2027 का ट्रायल ग्राउंड, शोक की तारीख़, सत्ता की तैयारी।

रिपोर्ट: सदाचारी लाला उमेश चंद्र श्रीवास्तव/ मोहम्मद वसीक 

फूल फोटो पर, माला सियासत को,दरियाबाद में श्रद्धांजलि का दृश्य और अर्थ

बाराबंकी दरियाबाद विधानसभा क्षेत्र के हड़हा स्टेट में स्वर्गीय पूर्व मंत्री व पूर्व विधायक राजा राजीव कुमार सिंह की चौथी पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा, एक सामान्य स्मृति-कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह आयोजन श्रद्धांजलि से ज़्यादा सियासी संकेतों, समीकरणों और भविष्य की गणनाओं के कारण चर्चा का विषय बना रहा।

मंच पर कोई मूर्ति नहीं थी।
श्रद्धांजलि के लिए स्वर्गीय राजा साहब की तस्वीर लगी थी, जिस पर लोग फूल चढ़ा रहे थे, मालाएं पहना रहे थे।
तस्वीर मौन थी—
लेकिन उसके इर्द-गिर्द खड़ा शोर बहुत कुछ कह रहा था।

इसी मंच पर सबसे बड़ी माला से स्वागत हुआ शिवपाल सिंह यादव का।
दिलचस्प यह रहा कि इस स्वागत में पूर्व मंत्री बेनी वर्मा के पुत्र राकेश वर्मा को बीच में खड़ा कर दिया गया

मानो माला सिर्फ़ सम्मान नहीं, बल्कि भविष्य के संकेत भी बाँध रही हो।
राजनीति में कभी-कभी फूल भी बयान बन जाते हैं।

इस पूरे दृश्य को एक व्यक्ति खामोशी से देख रहा था—
रितेश कुमार सिंह ‘रिंकू’,
जो अपने पिता की मक़बूलियत को सियासी औज़ार में तब्दील होते देख रहा था।
चेहरे पर कोई बयान नहीं था,
लेकिन आंखों में वह अफ़सोस साफ़ पढ़ा जा सकता था,
जो शब्दों से ज़्यादा भारी होता है।

कार्यक्रम इसी अफ़सोस के मुकाम पर चर्चा में रहा।

सभा में जैदपुर विधायक गौरव रावत ,नगर पालिका अध्यक्ष के पति सुरेन्द्र वर्मा और वरिष्ठ अधिवक्ता जगत बहादुर सिंह की मौजूदगी रही।
प्रोटोकॉल में मौलाना अयाज और चौधरी सरताज भी दिखे—
लेकिन श्रद्धांजलि की कतार में दिल कम और सियासी गणित ज़्यादा नज़र आया।

पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप इस कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे। वे मुंबई में मुशायरे में चीफ गेस्ट थे।
और हैरत की बात यह रही कि दरियाबाद में वे लोग भी दिखाई नहीं पड़े, जो कभी उन पर जा-निसार करने वाले होते हैं।
यह राजनीति का वह सच है, जहां
नेतृत्व की न मौजूदगी में निष्ठाएं भी छुट्टी पर चली जाती हैं

हर चेहरा यही बताने की कोशिश में था कि वह किसके ज़्यादा क़रीब है,
क्योंकि चर्चाएं तेज़ हैं कि 2027 के टिकट बंटवारे में शिवपाल सिंह यादव की भूमिका अहम रहने वाली है
नारे इसी उम्मीद में तेज़ हुए,
और श्रद्धांजलि उसी शोर में कहीं दबती चली गई।

बाराबंकी में नगर विधायक सुरेश यादव ने भी खूब माला पहनाई स्वागत किया।

विडंबना यह है कि अयोध्या संसदीय क्षेत्र की यह दरियाबाद विधानसभा फिलहाल भाजपा के मंत्री सतीश शर्मा के कब्ज़े में है
जहां

  • पहले राजा राजीव कुमार सिंह हारे,
  • फिर 2022 में अरविंद सिंह गोप पराजित हुए।

इतिहास ने जो कहा, उसे सुनने की फुर्सत किसी के पास नहीं थी।

अंत में तस्वीर पर फूल तो चढ़े,
लेकिन तस्वीर ने कुछ नहीं कहा।

शायद इसलिए कि
यादें फूलों से नहीं,
नीयत से ज़िंदा रहती हैं।


Post a Comment

0 Comments