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मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों से ज्ञान की नई मशाल: 22 जुलाई को एसआरएमयू का भव्य दीक्षांत समारोह, 7,519 विद्यार्थियों के सपनों को मिलेगी नई उड़ान


तहलका टुडे टीम/सदाचारी लाला उमेश चंद्र श्रीवास्तव 

लखनऊ/बाराबंकी। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों को आधुनिक शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा श्री रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय (एसआरएमयू) एक बार फिर इतिहास रचने जा रहा है। 22 जुलाई 2026 (बुधवार) को गोमती नगर, लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मार्स ऑडिटोरियम में आयोजित होने वाला भव्य दीक्षांत समारोह केवल डिग्रियां बांटने का कार्यक्रम नहीं होगा, बल्कि भारत की तरक्की और आत्मनिर्भर भविष्य की नई इबारत लिखने वाले युवाओं के सम्मान का राष्ट्रीय उत्सव बनेगा।

विश्वविद्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कुलपति प्रो. (डॉ.) विजय तिवारी ने बताया कि प्रातः 11 बजे से शुरू होने वाले इस गरिमामय समारोह में 7,519 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी। इनमें 405 मेधावी विद्यार्थियों को पदकों से सम्मानित किया जाएगा, जिनमें 232 स्वर्ण पदक और 165 रजत पदक शामिल हैं।

महिला शक्ति की शानदार उपलब्धि

इस बार दीक्षांत समारोह की सबसे प्रेरक उपलब्धि यह है कि चार शैक्षणिक सत्रों के लिए दिए जाने वाले सभी कुलाधिपति एवं प्रति-कुलाधिपति पदक छात्राओं ने अपने नाम किए हैं। यह उपलब्धि नारी शिक्षा, समान अवसर और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की मजबूत सोच और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

ज्ञान, शोध और राष्ट्र निर्माण का संगम

दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि होंगे प्रो. (डॉ.) भूषण पटवर्धन, कुलाधिपति, डेक्कन कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), पुणे एवं राष्ट्रीय अनुसंधान प्रोफेसर, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के पूर्व महानिदेशक एवं आयरलैंड और मालदीव में भारत के पूर्व राजदूत अखिलेश मिश्रा अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

भव्य होगा समारोह

दीक्षांत समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथियों के स्वागत एवं शैक्षणिक शोभायात्रा से होगी। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलन, वंदे मातरम्, विश्वविद्यालय कुलगीत, स्वागत भाषण, विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट, उपाधि एवं पदक वितरण, कुलाधिपति का संबोधन तथा मुख्य अतिथि का दीक्षांत भाषण कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण होंगे। अंत में धन्यवाद ज्ञापन, सामूहिक फोटोग्राफी और राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन होगा।

14 वर्षों में बनाई अलग पहचान

वर्ष 2012 में स्थापित श्री रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय ने मात्र 14 वर्षों में उत्तर प्रदेश के प्रमुख निजी विश्वविद्यालयों में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। विश्वविद्यालय के 11 संस्थानों में वर्तमान में 12 हजार से अधिक विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं। विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे युवा तैयार करना है जो ज्ञान, कौशल, नैतिक मूल्यों और नवाचार की भावना के साथ राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएं।

कुलाधिपति ने जताया मीडिया के प्रति आभार

विश्वविद्यालय के कुलाधिपति इं. पंकज अग्रवाल ने प्रेस वार्ता में मीडिया प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि समाचार पत्रों, पोर्टलों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, शोध एवं सामाजिक गतिविधियों को हमेशा प्रमुखता दी है। उन्होंने उपाधि और पदक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कुलपति का संदेश

कुलपति प्रो. (डॉ.) विजय तिवारी ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल उपाधियां वितरित करने का अवसर नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के समर्पण और विश्वविद्यालय की शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार तथा राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता का उत्सव है। हमारा लक्ष्य ऐसे युवा तैयार करना है जो ज्ञान और नैतिक मूल्यों के बल पर भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएं।


जब शिक्षा मर्यादा, संस्कार और आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ती है, तभी राष्ट्र विकास की नई कहानी लिखता है। श्री रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय का यह दीक्षांत समारोह केवल विद्यार्थियों की सफलता का उत्सव नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में उठाया गया एक मजबूत कदम है।

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