लखनऊ, 23 दिसंबर 2025: इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के इंटीग्रल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल साइंस एंड टेक्नोलॉजी (IIAST) और उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (UPCAR) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय कांग्रेस “Unlocking Artificial Intelligence and Robotics Driven Smart Agriculture for विकसित भारत (AIRSA-VBCON 2025)” और 'इंटीग्रल किसान पुरस्कार समारोह' आज शानदार सफलता के साथ संपन्न हुआ।
राज्यपाल ने किसानों को किया सम्मानित
कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय उत्तर प्रदेश राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने की। अपने संबोधन में उन्होंने विश्वविद्यालय की पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह सम्मान किसानों और कृषि विज्ञान केंद्रों के प्रयासों को मान्यता देने का प्रतीक है। स्वयं एक किसान होने के नाते, उन्होंने खेती की चुनौतियों और जैविक व तकनीक आधारित टिकाऊ कृषि के महत्व पर जोर दिया।
राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल संरक्षण और सिंचाई योजनाओं की मजबूती, ड्रिप सिंचाई, जैविक उत्पादन, और SHGs व FPOs के माध्यम से बाजार संपर्क मजबूत करने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई।
कृषि में एआई और रोबोटिक्स का क्रांतिकारी योगदान
विश्वविद्यालय के संस्थापक और कुलाधिपति प्रो. सैयद वसीम अख्तर ने कहा कि इस कांग्रेस के निष्कर्ष भारत के कृषि क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाने और निर्णय लेने की क्षमता में सुधार लाने में मील का पत्थर साबित होंगे।
कांग्रेस में एआई-आधारित स्मार्ट फार्मिंग, जलवायु-अनुकूल कृषि, और कृषि आपूर्ति श्रृंखला में रोबोटिक्स के महत्व पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
विश्वस्तरीय विशेषज्ञों की गरिमामयी उपस्थिति
समारोह में ICRISAT के महानिदेशक डॉ. हिमांशु पाठक, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री दीपक कुमार, और रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रो. पंजाब सिंह ने भाग लिया।
इसके अतिरिक्त AARDO महासचिव डॉ. मनोज नारदेवसिंह और UPCAR के महानिदेशक डॉ. संजय सिंह ने भी कृषि नवाचार और वैश्विक परिप्रेक्ष्य पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएँ
प्रकाशनों का विमोचन: IIAST की “सफरनामा” और 'इंटीग्रल कृषि दर्पण' पत्रिका का विमोचन किया गया, जो कृषि नवाचारों और तकनीकी प्रगति को समर्पित हैं।
तकनीकी सत्र: विशेषज्ञों ने वर्टिकल फार्मिंग, डिजिटल कृषि, और कृषि के लिए विघटनकारी प्रौद्योगिकियों पर विचार मंथन किया।
कार्यक्रम का स्वागत संबोधन कुलपति प्रो. जावेद मसर्रत ने दिया, धन्यवाद ज्ञापन रजिस्ट्रार एवं संयोजक प्रो. मोहम्मद हारिस सिद्दीकी ने किया, और आयोजन का सफल संचालन आयोजन सचिव प्रो. अल्विना फारूकी ने किया।
यह कार्यक्रम भारत के कृषि क्षेत्र को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स के माध्यम से सशक्त बनाने के लिए एक वैश्विक मंच के रूप में उभरा है, जो किसानों और शोधकर्ताओं को एक नई दिशा और अवसर प्रदान करता है।
0 Comments