तहलका टुडे टीम/सदाचारी लाला उमेश चंद्र श्रीवास्तव/मोहम्मद वसीक
बाराबंकी। महात्मा गांधी को जानना और उनके विचारों पर चर्चा करना तभी सार्थक है, जब उनके सिद्धांत हमारे आचरण का हिस्सा बनें। मंजिल कितनी भी बड़ी क्यों न हो, उसे हासिल करने के लिए गलत साधनों का सहारा नहीं लिया जा सकता। साध्य के साथ साधनों की पवित्रता भी उतनी ही जरूरी है। यह विचार विधान परिषद सदस्य सीपी चंद ने बुधवार को गांधी भवन में आयोजित गांधी जयंती सप्ताह के समापन समारोह में व्यक्त किए।
समारोह में गांधी जयंती समारोह ट्रस्ट की ओर से वरिष्ठ पत्रकार एवं गांधीवादी अध्येता राहुल देव को ‘महात्मा गांधी सम्मान’ तथा वरिष्ठ पत्रकार नवीन जोशी को ‘आचार्य नरेंद्र देव सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और श्रद्धासुमन अर्पित करने के साथ हुई। सीपी चंद के साथ राहुल देव, नवीन जोशी और पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप ने गांधी जी को श्रद्धांजलि दी।
‘गांधी के विचार आचरण का हिस्सा बनें’
मुख्य अतिथि सीपी चंद ने कहा कि गांधी का दर्शन केवल किसी लक्ष्य तक पहुंचने की बात नहीं करता, बल्कि उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपनाए जाने वाले साधनों की शुचिता पर भी जोर देता है। उन्होंने कहा कि गांधी को पढ़ने से ज्यादा जरूरी है कि उनके सत्य, अहिंसा और नैतिकता के विचार हमारे व्यवहार में दिखाई दें।
वरिष्ठ पत्रकार एवं गांधीवादी चिंतक राहुल देव ने कहा कि महात्मा गांधी को विश्व स्तर पर मिला सम्मान इस बात का प्रमाण है कि उनके विचार किसी एक देश या काल तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आज के भारत की बागडोर बच्चों और नई पीढ़ी के हाथों में है। इसलिए बच्चों को गांधी के जीवन, संघर्ष और विचारों से जोड़ना बेहद जरूरी है। तभी गांधी जयंती जैसे आयोजनों की वास्तविक सार्थकता सामने आएगी।
वरिष्ठ पत्रकार नवीन जोशी ने कहा कि समय बदल गया है, लेकिन गांधी के सत्य, अहिंसा, सद्भाव और सामाजिक एकता के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। गांधी जयंती सप्ताह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को गांधी के विचारों से जोड़ने का अभियान है।
पुरस्कार पाकर खिले बच्चों के चेहरे
समापन समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं को सीपी चंद और अरविंद सिंह गोप ने पुरस्कार एवं उपहार देकर सम्मानित किया। सम्मान पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मो. उमेर किदवई ने की। उन्होंने बच्चों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम नई पीढ़ी में सामाजिक और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने का माध्यम बनते हैं।
कार्यक्रम का संचालन पाटेश्वरी प्रसाद ने किया। इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक राजनाथ शर्मा, शिवशंकर शुक्ला, हुमायूं नईम खान, टोरेंट गैस लिमिटेड के जनरल मैनेजर रजनीश उपाध्याय, मैनेजर वैभव अग्निहोत्री, अशोक शुक्ला, विजय प्रताप सिंह, अश्वनी शर्मा ‘शिवा’, आशीष श्रीवास्तव, ज्ञान सिंह यादव, उमेश रावत एडवोकेट, तौकीर कर्रार, असद उमर अंसारी, अरुण पाण्डेय, विनय कुमार सिंह, मृत्युंजय शर्मा, शऊर कामिल किदवई, अदिति शर्मा, अनवर महबूब किदवई, मो. सईद, आद्या शर्मा सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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