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कुछ विदाइयां अंत नहीं होतीं… अशोक कुमार सिंह की स्मृति में 34 लोगों ने किया रक्तदान, सेवा के संकल्प से भावुक हुआ नरौली,बड़े भैया की यादों में छलकीं आंखें, रक्तदान से रोशन हुई इंसानियत की राह; अरविंद कुमार सिंह गोप ने पुष्पांजलि अर्पित कर किया रक्तदान शिविर का शुभारंभ


तहलका टुडे टीम

बाराबंकी, 26 अक्टूबर।कुछ लोग जीवन से विदा हो जाते हैं, लेकिन उनके होने का एहसास लंबे समय तक लोगों के दिलों में धड़कता रहता है। उनकी यादें तस्वीरों के फ्रेम तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि दूसरों के जीवन में उम्मीद बनकर उतरती हैं। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं एसबीएस पब्लिक स्कूल एवं इंटर कॉलेज के संस्थापक स्मृतिशेष अशोक कुमार सिंह की चौथी पुण्यतिथि पर नरौली में कुछ ऐसा ही भावुक दृश्य देखने को मिला। श्रद्धा से झुके सिर, स्मृतियों से भरे हृदय और रक्तदान के लिए आगे बढ़ते हाथ—हर दृश्य मानो यही कह रहा था कि सच्ची श्रद्धांजलि वही है, जो किसी दूसरे की जिंदगी में रोशनी भर दे।

हैदरगढ़-सुबेहा मार्ग स्थित ग्राम नरौली के एसबीएस पब्लिक स्कूल एवं इंटर कॉलेज परिसर में बड़े भैया अशोक कुमार सिंह की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा, रक्तदान शिविर और निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। संस्था के प्रबंधक एवं उनके भतीजे हर्षित राजकुमार तथा विद्यालय के प्रधानाचार्य और स्टाफ की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद कुमार सिंह गोप ने पहुंचकर दिवंगत अशोक कुमार सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

“बचपन से जीवन के हर संघर्ष और सफलता में बड़े भैया की अहम भूमिका रही”

इस अवसर पर अरविंद कुमार सिंह गोप ने अपने भाव व्यक्त करते हुए कहा कि बचपन से लेकर जीवन के हर संघर्ष और हर सफलता तक पहुंचने में बड़े भैया अशोक कुमार सिंह की अहम भूमिका रही। वह उनके लिए केवल बड़े भाई ही नहीं, बल्कि एक सच्चे मित्र भी थे। उनके जीवन और व्यक्तित्व से जुड़ी स्मृतियां आज भी उनके मन में गहरी जगह रखती हैं।

उनके शब्दों में बड़े भैया के प्रति सम्मान और आत्मीयता साफ झलक रही थी। रिश्तों की दुनिया में कुछ संबंध ऐसे होते हैं, जिनकी गहराई को शब्दों में पूरी तरह व्यक्त करना आसान नहीं होता। अशोक कुमार सिंह के साथ उनका रिश्ता भी ऐसा ही था—मार्गदर्शन, अपनापन और संघर्ष के दिनों में साथ निभाने का रिश्ता।

श्रद्धांजलि को बनाया जीवन बचाने का संकल्प

कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि पुण्यतिथि को केवल पुष्पांजलि और स्मरण तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि इसे जनसेवा से जोड़ते हुए रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। अरविंद कुमार सिंह गोप ने रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया और रक्तदान करने वाले लोगों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्वेद ज्ञान संस्थान के सहयोग से आयोजित रक्तदान शिविर में 34 लोगों ने रक्तदान कर महादानी बनने का गौरव प्राप्त किया। इन रक्तदाताओं ने अपने इस योगदान से यह संदेश दिया कि किसी जरूरतमंद की जान बचाने के लिए किया गया छोटा-सा प्रयास भी किसी परिवार के लिए सबसे बड़ी उम्मीद बन सकता है।

रक्तदान करने वालों का सम्मान करते हुए कार्यक्रम में सेवा, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को प्रमुखता दी गई। अशोक कुमार सिंह की स्मृति में आयोजित इस पहल ने पुण्यतिथि को मानवीय सरोकारों से जोड़कर एक सार्थक स्वरूप प्रदान किया।

मेदांता अस्पताल के शिविर में लोगों की हुई स्वास्थ्य जांच

कार्यक्रम में लखनऊ के मेदांता अस्पताल की ओर से निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया गया। शिविर में क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई। इसमें एक्स-रे और ईसीजी जैसी महत्वपूर्ण जांच की सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।

अरविंद कुमार सिंह गोप ने जांच कराने पहुंचे लोगों से उनका कुशलक्षेम जाना तथा स्वास्थ्य सेवाओं में सहयोग कर रहे चिकित्सकों और कर्मचारियों से भी जानकारी ली। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराने की इस पहल से कार्यक्रम का सामाजिक महत्व और बढ़ गया।

एक ओर रक्तदान के जरिए जरूरतमंद मरीजों के जीवन की रक्षा का संदेश दिया गया, तो दूसरी ओर निशुल्क स्वास्थ्य जांच के माध्यम से लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होने का अवसर मिला। इस प्रकार श्रद्धांजलि सभा स्मरण, सेवा और जनकल्याण का साझा मंच बन गई।

परिवार, जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों ने दी श्रद्धांजलि

श्रद्धांजलि सभा एवं रक्तदान शिविर में बड़े भाई अनिल सिंह, पूर्व विधायक रामगोपाल रावत, अजय वर्मा बबलू, भूपेंद्र सिंह बबलू, आनंद सिंह 'मोनू', हैदरगढ़ के ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि श्री रामदेव सिंह, त्रिवेदीगंज के ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि सुनील सिंह, ग्राम प्रधान सोनू सिंह, पिंकू सिंह, शुभेन्द्र सिंह, शंकर बख्श सिंह पवार, राजू सिंह और मोहम्मद अय्यूब सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

विद्यालय की ओर से शशि प्रकाश शुक्ला, उत्सवी सिंह, पवन सिंह, सुरेश पाल, दुर्गेश शर्मा, आनंद वैश्य, अक्षय सहित विद्यालय परिवार के सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। सभी ने दिवंगत अशोक कुमार सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनकी स्मृतियों को नमन किया।

यादें तभी जीवित रहती हैं, जब उनसे समाज को दिशा मिलती है

अशोक कुमार सिंह की चौथी पुण्यतिथि पर आयोजित यह कार्यक्रम एक भावुक स्मरण के साथ-साथ सामाजिक सेवा का उदाहरण भी बना। रक्तदान करने वाले 34 लोगों का योगदान और निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर में उमड़ी लोगों की सहभागिता इस बात की गवाही देती है कि किसी व्यक्ति के जीवन की सार्थकता उसके जाने के बाद भी समाज को प्रेरित कर सकती है।

जिंदगी की किताब में कुछ नाम ऐसे होते हैं, जिनके आगे पूर्णविराम लगने के बाद भी उनकी कहानी समाप्त नहीं होती। वे अपने कर्मों, रिश्तों और दूसरों के लिए किए गए प्रयासों के माध्यम से आगे बढ़ती रहती है। अशोक कुमार सिंह की स्मृति में आयोजित यह आयोजन भी इसी भावना का प्रतीक बना—कि सच्ची श्रद्धांजलि केवल बीते कल को याद करना नहीं, बल्कि उस विरासत को आज के जीवन में उतारना है, जो इंसान को इंसान के काम आना सिखाती है।

रिपोर्ट: वीरेंद्र प्रधान

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